चिंता न करें, अब रसोई गैस जरूर मिलेगी
Tue, Aug 19, 2008 at 20:26 , Updated at Tue, Aug 19, 2008 कारोबार सेक्शन
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नई दिल्ली। रसोई गैस के नए कनेक्शन के लिए अब दो महीने से ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। तेल कंपनियों के साथ बैठक के बाद सरकार ने ये ऐलान किया है। दूसरी ओर तेल कंपनियों ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट के लिए एक्सपोर्ट पैरिटी प्राइसिंग फॉर्मूला पर चतुर्वेदी कमेटी को एक सिरे से खारिज कर दिया।
पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा की तेल कंपनी प्रमुखों के साथ बैठक में पेट्रोलियम प्रोडक्ट और खास तौर से रसोई गैस और डीजल की सप्लाई बढ़ाने पर खास जोर दिया गया।
रसोई गैस का नया कनेक्शन 60 दिनों के अंदर दिया जाएगा। इस समय कनेक्शन की वेटिंग लिस्ट में करीब 7 लाख लोग हैं। फिलहाल वेटिंग लिस्ट खत्म करने के लिए अकेले इंडियन ऑयल ने 10 लाख नए खाली सिलेंडर का ऑर्डर दिया है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने बढ़ते घाटे की आड़ में रसोई गैस के नए कनेक्शन पर रोक लगाने का फैसला किया था। बैठक में चतुर्वेदी कमेटी की सिफारिशों पर भी चर्चा की गई। तेल कंपनियों की माली हालत सुघारने के बारे में सुझाव देने के लिए प्रधानमंत्री ने इस कमेटी का गठन किया था। हालांकि कमेटी की कुछ सिफारिशों को तेल कंपनियों ने खारिज कर दिया है।
कमेटी ने पेट्रोल और डीजल पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म करने का सुझाव दिया है लेकिन तेल कंपनियों की राय में इस ड्यूटी के जरिए घरेलू रिफाइनरी को अंतराष्ट्रीय रिफाइनरी के मुकाबले मिल रही सुरक्षा खत्म होगी।
पेट्रोल, डीजल समेत तमाम पेट्रोलियम प्रोडक्ट की खुदरा कीमत तय करने के लिए एक्सपोर्ट पैरिटी प्राइसिंग का फॉर्मूला भी कंपनियों को मंजूर नहीं है। उन्हें डर है कि इससे रिफाइनरी को साढ़े 27 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का घाटा हो सकता है। उधर तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई के लिए वित्त मंत्रालय ऑयल बांड की दूसरी किश्त जारी करने के लिए सहमत हो गया है। संसद के मानसून सत्र में इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है।



























