साध्वी ने कहा, 'वो डंडे, बेल्ट से मारते हैं मुझे'

TimeTue, Nov 18, 2008 at 08:36 , Updated at Tue, Nov 18, 2008 देश सेक्शन

Tagsटैग: Sadhwi,Sangh | 6 कमेंट्स

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साध्वी ने अपने हलफनामें में मुंबई एटीएस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

साध्वी ने अपने हलफनामें में मुंबई एटीएस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

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मुंबई। जिस पर भगवा आतंक फैलाने का इल्जाम है, जिस पर खून की होली खेलने का आरोप है। जो मालेगांव धमाकों के बाद बोली कि बस 6 ही मरे, वो अब अदालत से रहम की गुहार लगा रही है। साध्वी प्रज्ञा सिंह ने नासिक अदालत में हलफनामा दायर कर कहा है कि एटीएस ने उसे इतना प्रताड़ित किया कि वो खुदकुशी करने का मन बनाने लगी।

दूसरी ओर मालेगांव साजिश की जांच पर सवाल उठने लगे हैं। एटीएस की कार्रवाई विवादों के घेरे में है। इसी सिलसिले में समझौता ब्लास्ट मामले में यू टर्न से पहले ही एटीएस की किरकिरी हो चुकी है।

अब साध्वी ने अपने हलफनामें में मुंबई पुलिस की इस जांच एजेंसी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हलफनामें में हर लफ्ज के साथ साध्वी सिसक रही है। साध्वी का आरोप है कि गुनाह कबूल कराने के लिए उसे गंभीर यातनाएं दी गईं।

"मुंबई एटीएस के लोग मुझे डंडे और बेल्टों से मारते हैं। मेरे हाथ और पैर के तलबों में वो मारते हैं। इससे मैंरे शरीर में भयंकर दर्द होता है, सूजन भी आ गई। उन्होने मुझे भद्दी गालियां दी और मेरे सतित्व पर भी सवाल उठाए। उन्होने मुझे इतनी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी कि मुझे लगने लगा में खुदकुशी कर लूं"

इसके अलावा साध्वी प्रज्ञा सिंह सिलसिलेवार कहानी बताते हुए एटीएस की कार्रवाई पर कई और गंभीर सवाल उठाए।

साध्वी ने कहा, "मैं जबलपुर में थी। 7 अक्टूबर 2008 का दिन था। एटीएस अफसर सावंत ने फोन किया। वो मेरी एलएमएल स्कूटर के बारे में पूछ रहा था। उसने मुझे पूछताछ के लिए सूरत आने को कहा। मैं 10 अक्टूबर को सूरत पहुंची और अपने शिष्य भीम सिंह पसरीचा को साथ लेकर सावंत से मुलाकात की। मैंने सावंत को बताया कि मालेगांव धमाके में इस्तेमाल स्कूटर मैं अक्टूबर 2004 में ही मध्यप्रदेश के रहने वाले सुनील जोशी को 24,000 रुपए में बेच चुकी हूं। सावंत मुझे और मेरे शिष्य को अपने साथ मुंबई ले गया।"

मुंबई पहुंचते ही साध्वी के साथ शुरू हुआ पूछताछ का लंबा सिलसिला। एटीएस का हर अफसर साध्वी से पूछता कि उसका स्कूटर मालेगांव कैसे पहुंचा। साध्वी कहती पता नहीं, हलफनामे में साध्वी आगे बताती है।

"12 अक्टूबर से एटीएस की पूछताछ का तरीका बदल गया। वो बहुत उग्र हो गए। पहले उन्होने मेरे शिष्य भीम सिंह पसरीचा को मजबूर किया कि वो मुझे बेल्ट से मारे। खानविलकर समेत कई पुलिसवालों ने मारपीट शुरू कर दी। वो मुझे सुबह 4 बजे उठाकर पूछताछ करते। बेल्ट और डंडों से मारते। भद्दी गालियां देते। मैं सदमें की हालत में पहुंच गई। लेकिन उन्हें रहम नहीं आया। मेरे पेट में तेज दर्द होने लगा। मैं बेहोश हो गई। मुझे सौराष्ट्र अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल का बिल पुलिसवालों ने दिया। इस अस्पताल में अपने शिष्य भीम सिंह पसरीचा से मेरी आखिरी मुलाकात हुई"

साध्वी के आरोपों पर यकीन करें तो तब तक एटीएस ने साध्वी को गिरफ्तार नहीं दिखाया था। ये सारी कार्रवाई उसकी गिरफ्तार से पहले ही हुई।

पोस्टे बी satish jha

जिस दिन हमारे गृह राज्य मंत्री शकील अहमद को पता चला की एक हिंदू आतंकबद के नाम पर पकड़ी गयी

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पोस्टे बी mahtab

याया आप ग्रेट हो. मे तो देहली का हू मे नययपालीकानही गया था, मैने जो कुछ भी लीखा वो इबन

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पोस्टे बी Larry

कोंग्रेस बस्टर्ड बहुत नाटकीए तरीक़े से हिंदू लोगों की आस्मिता पर चोट कर रही है

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पोस्टे बी Amit kumar jha

हेमंत कारकरे साब आप को तो शर्म से अपना तबादला पुलिस कल्याण विभाग में कर लेना चाहिए, ताकी आप इस

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पोस्टे बी yaya

मेहताब लगता है जब कार्यवाही चल रही थी तो तुम न्यायालय मे थे जो तुमने देख लिया की स्वामी जी

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