एक्सपोर्ट के धंधे पर पड़ी मंदी की मार
Wed, Jan 07, 2009 at 07:49 , Updated at Wed, Jan 07, 2009 कारोबार सेक्शन
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नई दिल्ली। एक करोड़ लोगों के सामने नौकरी खोने का खतरा गहराता जा रहा है। मंदी की वजह से एक्सपोर्ट में तेजी से गिरावट आई है। एक्सपोर्टरों के महासंघ का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द ही एहतियाती कदम नहीं उठाए तो मुश्किलों में इजाफा हो सकता है।
दरअसल ये डरा देने वाला आंकड़ा दिया है एक्सपोर्ट संगठनों के महासंघ FIEO ने। संघ के मुताबिक 1929 के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार की हालत इतनी पतली हुई है कि भारतीय सामान को कोई पूछ नहीं रहा है। चीन, पाकिस्तान और विएतनाम जैसे देशों से मुकाबला करना मुश्किल हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार घटते ऑर्डर से हालात इतने बिगड़ सकते हैं कि मार्च तक एक करोड़ लोगों को घर बैठना पड़ सकता है।
चिंता इस बात की है कि रियलटी सेक्टर के बाद एक्सपोर्ट का धंधा मंदी की मार से चारों खाने चित न हो जाए। इस वजह से एक्सपोर्ट्स सरकार से मदद की गुहार लगा रहे है। एक्सपोर्ट्स का कहना है कि अगर सरकार ने फौरन कदम नहीं उठाए तो एक्सपोर्ट का टारगेट पूरा करना मुमकिन नहीं होगा।
हालांकि सरकार ने पहले राहत पैकेज में एक्सपोर्ट्स के लिए ब्याज दरों में दो परसेंट की छूट और पोस्ट शिपमेंट क्रेडिट नब्बे दिन से बढ़ाकर एक सौ अस्सी दिन करने का ऐलान किया था। लेकिन तत्काल कुछ होता नहीं लग रहा है।






























