पुंछ: मेंढर में 7वें दिन भी मुठभेड़ जारी
जम्मू। मेंढर में आतंकियों के साथ पिछले सात दिनों से जारी मुठभेड़ को आज आखिरी अंजाम तक पहुंचाने में सेना जुट गई है। सुबह सात बजे के करीब आतंकियों ने फायरिंग की, जिसके बाद सेना ने हमला शुरू कर दिया है। ऐसा बताया जा रहा है कि आतंकियों को नेस्तानाबूद करने के लिए दोपहर में बड़ा हमला करेगी।
पुंछ जिले का मेंढर इलाका जहां हर तरफ सेना की हलचल है। कभी सन्नाटा तो कभी अचानक होने लगती है ताबड़तोड़ फायरिंग। लगभग छह दिनों से सेना और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है।
माना जा रहा है कि घने जंगलों में पक्के बंकरों की आड़ में अब भी करीब तीन आतंकवादी छिपे हैं। उन्हें कोहरे और खराब मौसम का सहारा है। लेकिन सेना ने चारो तरफ से घेराबंदी कर ली है जहां से वो भाग नहीं सकते।
सेना ने अब तक जैश के एरिया कमांडर अब्दुल गुल समेत चार आतंकियों को ढेर करने में कामयाबी पाई है। वैसे, आतंकियों ने घने जंगल में जिस तरह पक्के बंकर बना रखे थे। उससे साफ है कि उन्हें पनाह देने वालों में इलाके के लोग शामिल हैं।
सूत्रों की मानें तो दशहतगर्दों की मदद करने के आरोप में रिटायर्ड एएसआई मुश्ताक हुसैन शाह और एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मुनीजा को गिरफ्तार किया गया है।
जाहिर है, आतंकियों ने घने जंगल में जैसी पैठ बनाई उससे सेना को मोर्चा लेने में खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार गोलीबारी के बीच अब पैरा कमांडो को भी मोर्चे पर उतार दिया गया है। आतंकियों पर जल्दी काबू पाने के लिए हवाई सर्वे भी किया जा रहा है।
सेना ने कई बंकरों को नष्ट कर दिया है। बंकरों से मेंढर की दुकानों के मिठाई के डिब्बे, दवाइयां, धार्मिक किताबें, राशन, गैस सिलेंडर, रेडियो सेट, मोबाइल फोन बैटरी, नक्शे, गर्म कपड़े और दूसरे जरूरी सामान मिले हैं।
सेना का मानना है कि जंगल में जैश ए मुहम्मद, अल बदर और लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर हो सकते हैं। माना जा रहा है कि घाटी और आसपास के इलाकों में सक्रिय आतंकियों को यहीं से आतंक बरपाने के निर्देश दिए जाते थे।
हालांकि आतंकवादियों ने जिस तरह से सेना की नाक के नीचे बंकर बनाए उससे मिशन मेंढर की कामयाबी सेना के लिए इज्जत का सवाल हो चुका है।
आज सेना आतंकियों को खत्म करने के लिए आखिरी हमला करेगी पर ये मुठभेड़ गलतियों का नतीजा है। इस मुठभेड़ में फंसे आतंकियों के कई कमांडर पिछले कई सालों से इस इलाके में ऑपरेट कर रहे थे। लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां उन्हें नहीं रोक पाईं। नतीजा ये कि बात उस मुठभेड़ तक आ पहुंची जिसे जीतने में सेना का पसीना छूट रहा है।
हालिकॉप्टर से बॉम्ब गिराकर विधवा होने से जवानो घर को बचाओ बाकी का नुकसान नही होगा
ईश्वर् मेरे देश की सेना का कवच ब्न जाए ओ र उनके रक्ष क बने.
सुरक्षा के मामले मे एसी ग ल ती फिर न दोहराई जाए, जबकी ह मे प ता हे की देश































पोस्टे बी Harendra Singh
ये एका-आद्द आतंकवादी से लड़ाई नही ये मुंबई हमले से ध्यान बाँटने केलिए छदम युद्ध की तैयारी से आए है
रेप्ली टू थिस कमेंट