कश्मीर के किंग 'उमर' को नहीं पसंद महल
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर का ताज भले ही उमर अब्दुल्ला ने संभाल ली हो। लेकिन उमर अब्दुल्ला कहां रहेंगे इसको लेकर चर्चा गर्म है। चूंकि सुरक्षा और सुख-सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री आवास को खास तौर से तैयार किया जाता है। लेकिन उमर अब्दुल्ला मुख्यमंत्री निवास में रहने से इनकार कर रहे हैं।
वजह है महल का वास्तु दोष। इतिहासकारों का दावा है कि इस महल में जो कोई भी यहां रहने आएगा, उसका सिर्फ बुरा ही बुरा होगा।
माना जाता है कि वास्तु के हिसाब से ये महल ठीक नहीं है। इतिहासकारों का कहना है कि इस महल में जो भी रहा है उसका सिर्फ बुरा हुआ है। लोग तो यहां तक मानते हैं कि अगर गुलाम नबी आजाद इस महल में नहीं रहते तो उनकी कुर्सी नहीं छिनती।
तमाम आशंकाओं को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है कि उन्हें इतने बड़े घर की कोई जरूरत नहीं है। उनका ये भी कहना है कि इतने बड़े महल में वो गुम हो जाएंगे।
इतिहासकारो की मानें तो ये महल बेहद मनहूस है। ये वही महल है, जो 78 साल पहले कश्मीर के राजा महाराजा हरिसिंह की बर्बादी का कारण बना। महाराज हरिसिंह से 1930 में इस महल को अपनी पत्नी तारा देवी के लिए बनवाया था ।
कई लोगों ने हरिसिंह को महल बनवाने से रोका भी। लेकिन उन्होंने किसी की बात नहीं मानी। महल बनने के साल भर के अंदर ही यहां फसाद शुरु हो गया। महल के वास्तु का जिक्र कई किताबों में भी है।
बताया जाता है कि पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने इस महल पर 11 करोड़ रुपए खर्च कराए। लेकिन आज़ाद के कुछ ही महीने गुज़र सके और सरकार से हाथ धोना पड़ा। जाहिर है ऐसे में जानबूझकर उमर अब्दुल्ला मुसीबत को गले लगाना नहीं चाहते।






























